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Friday, April 1, 2011

जनता जब भीड़ में तब्दील हो जाती है तो भीड़ का न्याय अकल्पनीय होता है|

जनता जब भीड़ में तब्दील हो जाती है
तो भीड़ का न्याय अकल्पनीय होता है|

डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश'

सुधि पाठक इस आगे पढने से पूर्व केवल इतना सा जान लें कि प्रत्येक सरकारी अधिकारी और कर्मचारी भारत के संविधान के अनुसार पब्लिक सर्वेण्ट हैं, जिसका स्पष्ट अर्थ है कि प्रत्येक सरकारी अधिकारी एवं कर्मचारी न तो भारत सरकार का नौकर है और न हीं वह अफसर या कर्मचारी है, बल्कि वास्तव में वह देश की ‘‘जनता का नौकर’’ है| जिसे जनता की खून-पसीने की कमाई से एकत्रित किये जाने वाले अनेकों प्रकार के राजस्वों (करों) से संग्रहित खजाने से प्रतिमाह वेतन मिलता है| जनता का प्रत्येक नौकर जनता की सेवा करने के लिये ही नौकरी करता है और दूसरी बात यह समझ लेने की है कि प्रत्येक पब्लिक सर्वेण्ट अर्थात् जनता के नौकर का पहला और अन्तिम लक्ष्य है, ‘‘पब्लिक इण्ट्रेस्ट अर्थात् जनहित|’’ जनहित को पूरा करने के लिये जनता के नौकर केवल आठ घण्टे ही नहीं, बल्कि चौबीसों घण्टे कार्य करने को कानूनी रूप से बाध्य होते हैं| इसके उपरान्त भी जनता के नौकर स्वयं को जनता का नौकर या सेवक नहीं, बल्कि जनता का स्वामी मानने लगे हैं, जिसके विरुद्ध जनता चुप रहती है और अपने नौकरों की मनमानियों का विरोध नहीं करती है, जिसके चलते हालात इतने बदतर हो गये हैं कि नौकर तो मालिक बन बैठा है और मालिक अर्थात् जनता अपने नौकरों की सेवक बन गयी है| यह स्थिति विश्‍व के सबसे बड़े भारतीय लोकतन्त्र के लिये शर्मनाक और चिन्ताजनक है| इस स्थिति को कोई एक व्यक्ति न तो बदल सकता है और न हीं समाप्त कर सकता है, लेकिन कोई भी व्यक्ति जनता के नौकरों को यह अहसास तो करवा ही सकता है कि वे जनता के नौकर हैं और जनता के सुख-दुख की परवाह करना और जनता के हितों का हर हाल में संरक्षण करना, जनता के नौकरों का अनिवार्य तथा बाध्यकारी कानूनी एवं संवैधानिक दायित्व है! इसी बात को पाठकों की अदालत में प्रस्तुत करने के लिये कुछ तथ्य प्रस्तुत करने का प्रयास किया जा रहा है|

कुछ समय पूर्व की घटना है| मैंने एक जिला स्तर के अफसर अर्थात् लोक सेवक अर्थात् जनता के नौकर से किसी जरूरी काम से बात करना चाहा, फोन उनके पीए ने उठाया और मुझे बताया कि ‘‘साहब यहॉं नहीं हैं’’ और आगे मेरी बात सुने बिना ही फोन काट दिया गया| संयोग से मेरे पास उनका मोबाइल नम्बर भी था, मैंने उन्हें मोबाइल लगाया, तो बोले ‘‘कौन?’’ मैंने कहा, ‘‘देश का एक आम व्यक्ति अर्थात् पब्लिक!’’ उधर से जवाब आया, ‘‘अभी मैं मीटिंग में हूँ, बाद में बात करना|’’ मैंने पूछा, ‘‘मीटिंग कब खत्म होगी?’’ जवाब मिला, ‘‘साढे पांच बजे...’’ और उन्होंने मोबाइल काट दिया| मैंने सोचा मैं ‘‘पब्लिक’’ हूँ और ‘‘पब्लिक का नौकर’’ ‘‘पब्लिक हित’’ में कोई जरूरी मीटिंग में व्यस्त हैं, लेकिन अचानक मेरा माथा ठनका कि उनके पीए ने तो बताया था कि ‘‘साहब यहॉं नहीं हैं’’ जबकि साहब स्वयं को मीटिंग में बतला रहे हैं| मैंने फिर से उनके पीए को फोन लगाया और पूछा, ‘‘आपके साहब कहॉं हैं?’’ जवाब आया, ‘‘जरूरी काम से बाहर गये हैं|’’ इस बार जवाब देने वाला कोई सज्जन पब्लिक सर्वेण्ट था, जिसने फोन नहीं काटा तो मैंने दुबारा पूछा ‘‘कब तक आयेंगे|’’ पीए साहब बोले, ‘‘जरूरी काम हो तो आप मोबाइल पर बात कर लें, साहब तो शायद ही ऑफिस आयेंगे, वे मैडम के साथ बाजार गये हैं|’’ उनको धन्यवाद कहकर मैंने फोन रख दिया और साढे पांच बजने का इन्तजार करने लगा, लेकिन कार्यालय समय (छह बजे) समाप्त होने तक उनका कोई फोन नहीं आया| आप सोच रहे होंगे कि अधिकारी से मैंने फोन करने की आशा ही क्यों की?

अगले दिन मैंने दस बजे फोन लगया तो पीए ने बताया, ‘‘साहब साढे दस बजे तक आने वाले हैं|’’ साढे दस बजे लगाया तो जवाब मिला, ‘‘बस आने ही बाले हैं, कुछ समय बाद दुबारा फोन लगालें|’’ ग्यारह बजे फोन लगाया तो पूछा, ‘‘आप कौन बोल रहे हैं?’’ मैंने अपना नाम बता दिया, किन्तु फिर से उनके पीए ने पूछा कि ‘‘आपकी कोई पहचान?’’ मैंने कहा कि ‘‘मैं पब्लिक हूँ!’’ पीए ने अपने साहब को न जाने क्या बोला होगा, लेकिन उन्होंने मेरी बात करवा दी| अब आप हमारी बातचीत पर गौर करें :-

‘‘बोलिये कौन बोल रहे हैं?’’

‘‘क्यों, क्या आपके पीए ने नहीं बताया कि मैं कौन बोल रहा हूँ?’’

‘‘हॉं बताया तो था, बोलिये क्या काम है?’’

‘‘आपको मैंने कल फोन किया था, तब आप मीटिंग में थे, लेकिन आपने मीटिंग समाप्त होने के बाद मुझसे मोबाइल पर बात नहीं की, जबकि आपके मोबाइल में मेरा मोबाइल नम्बर भी आ ही गया होगा|’’

कुछ क्षण रुक कर, सकपकाते हुए ‘‘हॉं..हॉं.. आ तो गया होगा, लेकिन आप हैं कौन?’’

‘‘अभी-अभी आपके पीए ने बताया तो है!’’

‘‘हॉं.. मगर आप चाहते क्या हैं’’

‘‘मैं आपसे बात करना चाहता हूँ और बात कर रहा हूँ, लेकिन आप मेरी बात का जवाब ही नहीं दे रहे हैं, आखिर आपने मुझसे कल मीटिंग खत्म होने के बाद बात क्यों नहीं की?’’

‘‘आप ये बात मुझसे किस हैसियत से पूछ रहे हैं, आप हो कौन....?’’

‘‘अभी तक आपको मेरा परिचय समझ में नहीं आया है, मैं फिर से बतला दूँ कि मैं पब्लिक हूँ और आप पब्लिक सर्वेण्ट हैं| आपका मालिक होने की हैसियत से आपसे पूछ रहा हूँ कि आपने मुझे साढे पांच बजे मीटिंग समाप्त होने के बाद फोन क्यों नहीं किया?’’

कुछ क्षण तक सन्नाटा, कोई जवाब नहीं!

मैं फिर से बोला, ‘‘आप मेरी बात सुन तो रहे हैं? कृपया बोलिये...?’’

(अत्यन्त नम्रता से)

‘‘हॉं आपकी बात सही है, मीटिंग देर तक चलती रही और बाद में, मुझे याद नहीं रहा| आप अब बतायें क्या सेवा कर सकता हूँ|’’

‘‘आप मीटिंग में थे या पत्नी को शॉपिंग करवा रहे थे? शर्म नहीं आती झूठ बोलते हुए?’’
एकदम से सन्नाटा! कोई जवाब नहीं!

फिर से मैंने ही बात की, ‘‘आप कोई जवाब देंगे या आपके बॉस से बात करूँ.....?’’

‘‘नहीं...नहीं इसकी कोई जरूरत नहीं है| शौरी आपको तकलीफ हुई, आप मुझे सेवा का मौका तो दें....काम तो बतायें|’’

इसके बाद मैंने उन्हें पब्लिक इण्ट्रेस्ट का जो कार्य था, वह बतलाया और साथ ही यह भी बतलाया कि जब भी पब्लिक फोन/मोबाइल पर बात करती है, तो उसमें पब्लिक का खर्चा होता है, इसलिये पब्लिक की ओर से उपलब्ध कराये गये सरकारी फोन/मोबाइल पर, अपने कार्य से फ्री होने पर पब्लिक से बात की जानी चाहिये| यह प्रत्येक पब्लिक सर्वेण्ट का अनिवार्य दायित्व है और अपने पीए को भी समझावें कि वे जनता की पूरी बात न मात्र सुनें ही, बल्कि नोट करके समाधान भी करावें| जिससे जनता के नौकरों के प्रति जनता की आस्था बनी रहे, अन्यथा लोगों के लिये अपने नौकरों को हटाना असम्भव नहीं है| जनता जब भीड़ में तब्दील हो जाती है तो भीड़ का न्याय अकल्पनीय होता है| प्रत्येक पब्लिक सर्वेण्ट का प्रथम कर्त्तव्य है कि जनता के असन्तोष को जनाक्रोश में तब्दील नहीं होने दें|

इस घटना के कुछ दिनों बाद राजस्थान के सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय पर थाना प्रभारी फूल मोहम्मद को भीड़ द्वारा जिन्दा जला देने की दुखद घटना धटित हो गयी तो इन महाशय ने मुझे फोन करके कहा कि मीणा जी आपने सही कहा था कि ‘‘जनता जब भीड़ में तब्दील हो जाती है तो भीड़ का न्याय अकल्पनीय होता है|’’ मैं आपका आभारी हूँ कि आपने मुझे अपने कर्त्तव्यों के प्रति सचेत किया और मुझे संवेदनशील पब्लिक सेर्वेण्ट बनने का अवसर दिया| थैंक्स|’’

मैंने उन्हें इतना ही कहा परमात्मा आपका और अपके स्वजनों का भला करें और आप आपनी मालिक आम जनता के हित में संजीदगी से कार्य करते रहें, जिससे हमारा समाज और देश उन्नति करता रहे| धन्यवाद|

Friday, March 11, 2011

पर्दाफाश-16 रिश्वत लेते असिस्टेंट क्लर्क गिरफ्तार

रिश्वत लेते असिस्टेंट क्लर्क गिरफ्तार
12.03.11
एनबीटी न्यूज ॥ फरीदाबाद
जिला उद्योग केंद्र में काम करने वाले एक असिस्टेंट क्लर्क को 3 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में विजिलेंस की टीम ने गिरफ्तार किया है। उसे शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। क्लर्क पर एक वर्कशॉप का रजिस्टे्रशन करने के लिए रुपये की मांग करने और साथ ही रुपये न देने पर रजिस्ट्रेशन करने से इनकार करने का आरोप है।
सेक्टर-24 में स्थित एक वर्कशॉप के संचालक महेश ने अपनी वर्कशॉप का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए जिला उद्योग केंद्र में आवेदन किया था। महेश का कहना है कि वे रजिस्टे्रशन कराने के संबंध में असिस्टेंट क्लर्क ईश्वर दत्त से मिले। आरोप है कि दत्त ने रजिस्टे्रशन करने की एवज में 3 हजार रुपये की मांगे। उन्होंने जब रुपये देने से इनकार किया तो दत्त ने रजिस्ट्रेशन करने से मना कर दिया। महेश ने रिश्वत मांगे जाने की जानकारी सेक्टर-17 स्थित विजिलेंस ऑफिस में दी। इसके बाद इंस्पेक्टर जगत सिंह की टीम ने कार्रवाई करते हुए महेश को दत्त को रुपये देने के लिए कहा, जिसके बाद रेड करने पर पुलिस ने दत्त को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान ऑफिस के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। रेड के दौरान ड्यूटी मैजिस्ट्रेट रविंद्र मलिक भी मौजूद थे।

पर्दाफाश-15 निगम के दो सहायक राजस्व निरीक्षक रिश्वत लेते गिरफ्तार

निगम के दो सहायक राजस्व निरीक्षक रिश्वत लेते गिरफ्तार
इस्पात टाइम्स, 11.03.11

रायपुर (इस्पात टाइम्स)। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने आज नगर निगम जोन कार्यालय क्रमांक 4 में पदस्थ दो सहायक राजस्व निरीक्षक को 500-500 रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरो की इस कार्रवाई से जोन कार्यालय में हड़कंप मच गया। ब्यूरो सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राजेन्द्र नगर निवासी लक्ष्मी नारायण ने 8 मार्च 2011 को संपत्ति कर पटाने नगर निगम के जोन क्रमांक 4 कार्यालय में गया था। बताय ाजाता है कि सहायक राजस्व निरीक्षक प्रकाश रघुवंशी ने टेक्स की राशि के अलावा 2000 रुपए रिश्वत के रुप में मांग की। रिश्वत नहीं दिए जाने पर उसकी काटी गई रसीद को निरस्त कर दिया गया। 10 मार्च 2011 को टेक्स पटाने हेतु पुन: प्रकाश रघुवंशी से संपर्क किया तो रघुवंशी ने टेक्स के अलावा एक हजार रुपए रिश्वत देने पर टेक्स पटवा देने एवं रसीद देने का आश्वासन दिया। आरोपी रघुवंशी ने रिश्वत की राशि लेकर आज 11 मार्च को श्याम टॉकीज स्टेडियम स्थित अपने कार्यालय में बुलाया था। ब्यूरो ने प्रार्थी को एक हजार रुपए देकर भेजा। आरोपी रघुवंशी ने रिश्वती धनराशि एक हजार रुपए प्राप्त कर उसमें से 5 सौ रुपे सहायक राजस्व निरीक्षक अमरनाथ चंद्राकर को दिया।
ब्यूरो ने दोनों आरोपी से 5सौ- 5 सौ रुपए बरामद कर दोनों आरोपी को गिरफ्तार किया। ब्यूरो ने आरोपियों को धारा 7, 13 (1) डी, 13 (2) पीसी एक्ट के तहत जुर्म पंजीबद्ध कर प्रकरण की विवेचना की जा रही है।

पर्दाफाश-14 घूस लेते रंगे हाथों पकड़े गया वायु सेना का इंजीनियर

घूस लेते रंगे हाथों पकड़े गया वायु सेना का इंजीनियर
शुक्रवार, 11.03.11

श्रीनगर। जम्मू एवं कश्मीर के पुलवामा जिले में सीबीआई ने एक स्थानीय ठेकेदार से रिश्वत में 40,000 रुपये लेने वाले भारतीय वायु सेना के एक इंजीनियर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने शुक्रवार को जानकारी दी कि सीबीआई ने अवंतिपुरा वायु सेना केंद्र पर कार्यरत इंजीनियर पी.के. श्रीवास्तव को गुरुवार शाम रिश्वत लेते हुए पकड़ा था।
पुलिस के मुताबिक ठेकेदार ने वायु सेना ठिकाने के अंदर एक इमारत का निर्माण किया था। श्रीवास्तव इस निर्माण के लिए उसे दिया जाने वाला पैसा नहीं दे रहे थे और रिश्वत की मांग कर रहे थे। इस पर ठेकेदार को मजबूरन सीबीआई की मदद लेनी पड़ी।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "श्रीवास्तव पिछले कुछ समय से ठेकेदार का पैसा रोके हुए थे और उन पर रिश्वत के लिए दबाव बना रहे थे।" उन्होंने बताया, "वायु सेना केंद्र पर स्थित इंजीनियर के कार्यालय से करीब सात लाख रुपये की राशि बरामद हुई है।"

पर्दाफाश-13 शर्मसार हुई इंसानियत, रिश्वत न देने पर दलित को पिलाया पेशाब

शर्मसार हुई इंसानियत, रिश्वत न देने पर दलित को पिलाया पेशाब

Friday, 11 March 2011 13:11 NNI

बाड़मेर.11मार्च। बाड़मेर के सिणधरी के एक परिवार बुरी तरह से दहशत में है। ये दहशत किसी गुंडे, बदमाश की नहीं बल्कि जनता की रक्षक पुलिस की है। इस परिवार का आरोप है कि सिणधरी थाना पुलिस द्वारा उनको बेरहमी से पीटा गया। इस दौरान पुलिस ने उनपर जुल्म की सारी हदें पार कर दी। परिवारीजनों ने बताया कि पुलिस ने उनके घर के एक सदस्य को पुलिस ने 6 दिन तक थाने में रखा। वहां उसे जबरन शराब व पेशाब पिलाई गई। घटना को गंभीरता से लेते हुए बाड़मेर एसपी ने सिणधरी थानाधिकारी मूलाराम व दो कांस्टेबलों को जांच होने तक निलंबित कर दिया है। दलित जाति के सिणधरी निवासी जबरनाथ ने बताया कि उसे 2 मार्च को चोरी का कथित आरोपी बताते हुए पुलिस ने बिना कागजों में गिरफ्तारी दिखाए थाने में छह दिन तक बंधक बनाए रखा। 8 मार्च तक उसे पुलिस के जवान थाने में बेहरमी से पीटते बाद में निदरेष मानते हुए पुलिस ने उसे छोड़ दिया। पुलिस की यातनाओं से जबरनाथ की तबीयत बिगडने पर परिजन उसे सरकारी अस्पताल लेकर आए। जहां उपचार चल रहा है। वहीं इस पूरे मामले पर थानाध्यक्ष का कहना है कि परिवार द्वारा लगाए आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं। जबरनाथ को पुलिस केवल पूछताछ के लिए थाने लाया गया था और पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।

पर्दाफाश-12 उड़ीसा में रिश्वत लेते दूरसंचार महाप्रबंधक किशोर महापात्र गिरफ्तार

उड़ीसा में रिश्वत लेते दूरसंचार महाप्रबंधक किशोर महापात्र गिरफ्तार
11.03.11
भुवनेश्वर | उड़ीसा थर्मल पॉवर कॉरपोरेशन लिमिटेड के महाप्रबंधक (टेलीकम डिपार्टमेंट) राज किशोर महापात्र को गुरुवार को विजिलेंस विभाग के अधिकारियों ने रिश्र्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। महापात्र अपने दफ्तर में एमबी एसोसिएट प्राइवेट लिमिटेड के प्रमुख सोम्य भूषण महांती से 1 लाख 30 हजार रुपये घूस ले रहे थे। इसके बाद भुवनेश्वर के रुपाली चौक स्थित उड़ीसा थर्मल पॉवर कॉरपोरेशन लिमिटेड कार्यालय और जीएम के आवास पर भी छापेमारी की गई। विजिलेंस विभाग के डीएसपी ने बताया कि महापात्र 4 बिजली संबंधी ठेका के एवज में एमबी एसोसिएट के सोम्य भूषण महांती से रिश्वत चाहते थे। महांती ने विजिलेंस विभाग को इस बात की जानकारी दे दी। तय योजना केअनुसार महाप्रबंधक को 1 लाख 30 हजार रुपये लेते दबोच लिया गया।

पर्दाफाश-11

SFrom : By khaskhabar.com I Mar 03 , 2011
http://www.khaskhabar.com/2-crpfdoctors-arrested-for-asking-for-bribes-0320110311634712905.html
रिश्वत मांगते सीआरपीएफ के 2 चिकित्सक गिरफ्तार
नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गुरूवार को पुणे में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के दो चिकित्सकों को एक उम्मीदवार से 10,000 रूपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। एक सीबीआई अधिकारी ने बताया कि इनमें से एक चिकित्सक जयपुर स्थित सीआरपीएफ के बटालियन 83 से जु़डा हुआ है जबकि दूसरा अर्धसैनिक बल के अमेठी केंद्र से है। जयपुर सीआरपीएफ बटालियन के चिकित्सक के एक रिश्तेदार को भी गिरफ्तार किया गया है। सीबीआई के अनुसार दोनों चिकित्सक 15 फरवरी से पुणे के तालेगांव शिविर में सीआरपीएफ में उप-निरीक्षक पद की भर्ती के दौरान उम्मीदवारों की चिकित्सकीय जांच कर रहे थे। अधिकारी ने बताया कि सीआरपीएफ में जाने के इच्छुक एक युवक ने रिश्वत मांगने पर सीबीआई से इसकी शिकायत कर दी थी। उन्होंने बताया, ""जाल बिछाकर तीनों को पुणे में एक मॉल से गिरफ्तार किया गया।"" आरोपियों को शुक्रवार तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
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From : http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/7623372.cms
रिश्वत लेते बिजली विभाग का इंजिनियर और टेक्निशियन गिरफ्तार
4 Mar 2011, 0406 hrs IST,नवभारत टाइम्स
निज संवाददाता ।। ठाणे
बिना दंड भरे बिजली का नया मीटर लगाने के एवज में दस हजार की रिश्वत मांगने वाले राज्य विद्युत वितरण कंपनी के एक जूनियर इंजिनियर और एक टेक्निशियन को ठाणे एंटी करप्शन ब्यूरो ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
ब्यूरो द्वारा मिली सूचना के तहत ठाणे शहर के हजुरी निवासी प्रकाश कदम के घर का बिजली मीटर कई दिनों से बंद पड़ा था। विगत वर्ष के जून माह में कदम ने अपना मीटर बदलने के लिए विद्युत कार्यालय में आवेदन किया था। कुछ दिनों बाद जब कदम ने वागले इस्टेट के रहेजा गार्डन स्थित विद्युत कंपनी के कार्यालय में जूनियर इंजिनियर विलास गोसावी से मुलाकात की, तो उसने नया मीटर लगाने के लिए 25 हजार का दंड भरने की बात कही और साथ ही कहा कि वह जूनियर टेक्निशियन संजय चौधरी से मिल ले। कदम ने जब चौधरी से मुलाकात की, तो उसने बिना दंड भरे मीटर लगाने के लिए 13 हजार रुपये मांगे। इसके बाद कदम, गोसावी और चौधरी के बीच फिर से बातचीत पर हुई और मामला दस हजार पर तय हुआ।
20 जनवरी तक जब कदम बिजली कार्यालय रिश्वत के रुपये लेकर नहीं आया, तो टेक्निशियन चौधरी 21 तारीख को कदम के घर पहंुच गया और रुपयों की मांग की। रुपयों की बार-बार हो रही मांग से परेशान प्रकाश कदम ने बिजली विभाग के दोनों कर्मचारियों के खिलाफ ठाणे एंटी करप्शन ब्यूरो से शिकायत की। फिर, ब्यूरो के निरीक्षक विलास चौगुले के नेतृत्व में जाल बिछाकर कर दस हजार रुपये लेते जूनियर इंजिनियर विलास गोसावी को उसके ही कार्यालय में रंगे हाथों पकड़ लिया गया। इसके बाद ब्यूरो के अधिकारियों ने मामले में शामिल टेक्निशियन संजय चौधरी को भी धर दबोचा।
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क्लर्क रिश्वत लेता गिरफ्तार
5 Mar 2011, 0400 hrs IST,नवभारत टाइम्स
From : http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/7628263.cms
होडल।। गुड़गांव विजिलेंस विभाग की टीम ने शुक्रवार को रिश्वत लेने के आरोप में नगरपालिका में तैनात एक लिपिक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। होडल वॉर्ड न. 5 निवासी महेंद्र ने गुड़गांव विजिलेंस को दी शिकायत में कहा कि आर्मी में भर्ती होने के लिए उन्होंने नगरपालिका में रिहायशी प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किया था।
लेकिन पालिका के कर्मचारी उसे न बनाने की जिद्द पर अड़ गए। मजबूर होकर महेंद्र ने प्रमाण पत्र बनाने के लिए पालिका में तैनात लिपिक दिनेश से संपर्क किया। इसकी एवज में दिनेश ने उनसे 10 हजार रुपये की मांग की। जिस पर महेंद्र ने कहा कि उसके पास इतने पैसे नहीं हैं। तब लिपिक ने कहा कि अगर 5 हजार हैं, तो दे दें। मजबूर होकर महेंद्र ने दिनेश से 5 हजार रुपये में रिहायशी प्रमाण पत्र बनाने का सौदा कर लिया। और इसकी शिकायत गुड़गांव विजिलेंस को दी। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस के दल ने ड्यूटी मैजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार नरेंद्र चपराना के साथ आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों धर दबोचा।
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From : http://www.bhaskar.com/article/PUN-OTH-1244876-1907399.html
एनआरआई से रिश्वत लेता धरा तहसीलदार
Source: भास्कर न्यूज. धूरी ( | Last Updated 01:42(05/03/11)
विजिलेंस विभाग की टीम ने वीरवार शाम नायब तहसीलदार अजीत सिंह लौंगीया को एक एनआरआई महिला से 10 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों काबू किया है।
विजिलेंस ब्यूरो पटियाला के डीएसपी प्रितीपाल ङ्क्षसह की अगुवाई में पहुंची टीम ने एक रिसोर्ट में छापामारी के दौरान नायब तहसीलदार को गिरफ्तार कर मामला दर्ज कर लिया है। नायब तहसीलदार की नीली बत्ती वाली कार से एक लाल बत्ती भी बरामद हुई। देर रात्रि नायब तहसीलदार के मोहाली स्थित निवास स्थान पर छापामारी करके लाखों रुपए, करीब एक दर्जन एटीएम, एफडी/बीमा पॉलिसी आदि दस्तावेज बरामद हुए।
कब्जे में सामान, नामजद
डीएसपी के अनुसार नायब तहसीलदार की कार में से एक लाल बत्ती व 32 बोर रिवाल्वर भी कब्जे में लिया गया। नायब तहसीलदार के मोहाली स्थित आवास पर भी छापामारी करके वहां से 2 लाख 70 हजार रुपए नकद, विभिन्न बैंकों के 11 एटीएम कार्ड, पारिवारिक सदस्यों के नाम पर एफडी/बीमा पॉलिसीयां आदि अन्य दस्तावेज भी बरामद किए गए। जिनकी अलग से जांच की जाएगी। नायब तहसीलदार के खिलाफ थाना विजिलेंस ब्यूरो पटियाला में भ्रष्टाचार रोकू कानून के तहत मामला दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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सिंचाई विभाग का जेई घूस लेते गिरफ्तार
6 Mar 2011, 0400 hrs IST
From :
http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/7635519.cms
- ठेकेदार से 50 हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप
एनबीटी न्यूज ॥ हिसार
हिसार जिले के उपमंडल हांसी में विजिलेंस ने शनिवार को छापा मारकर सिंचाई विभाग के जेई एन. डी. रहेजा को विभाग के ठेकेदार ताराचंद से 50 हजार रुपये घूस लेने के आरोप में रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। सिंचाई विभाग के ठेकेदार ताराचंद ने विजिलेंस को शिकायत दी थी कि रहेजा उनसे रिश्वत मांग रहे हैं। ताराचंद के अनुसार उन्होंने दी फिरोजाबाद मॉडर्न सहकारी श्रम व निर्माण समिति के तहत 2010 में सुंदर डिस्ट्रिब्युटरी नहर की सफाई का ठेेका लिया था। उन्होंने यह काम जनवरी 2011 को पूरा कर दिया। ठेकेदार ने आरोप लगाया कि जेई ने उनकी पार्सल पेमेंट 2 लाख 13 हजार की थी व बाकी बकाया डेढ़ लाख रुपये की पेमेंट के लिए 50 हजार रुपये की मांग कर रहा था, जिसकी शिकायत उसने विजिलेंस को की थी। विजिलेंस की टीम ने ठेकेदार ताराचंद को 50 हजार रुपये देकर जेई को पपोसा गांव के एक होटल में बुला लिया। ताराचंद ने रहेजा को यह पैसे होटल में थमा दिए। तभी विजिलेंस टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। विजिलंेस ने जेई रहेजा के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया।
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रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार पटवारी
Source: भास्कर न्यूज | Last Updated 04:22(07/03/11)
From :http://www.bhaskar.com/article/jk-patwari-arrested-red-handed-taking-bribe-1913423.html
जम्मू। विजीलेंस ने डीली के पटवारी को 8 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। वह एक व्यक्ति से रिश्वत ले रहा था। विजीलेंस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार हरिंदर सिंह निवासी शांति नगर कुजंवानी ने विजीलेंस से शिकायत की थी कि शांति नगर में वह जमीन बेचना चाहता था।
इसके लिए उसने डीली हल्का के पटवारी सिकंदर कुमार निवासी आरएस पुरा को फरद काट कर देने के लिए कहा। लेकिन इस काम के लिए पटवारी ने ८ हजार रुपए मांगे। कई दिन तक पटवारी के चक्कर लगाए लेकिन वह पैसे देने के बाद ही काम करने की बात कह रहा था।
इसे लेकर हरिंदर सिंह ने विजीलेंस में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए विजीलेंस ने पटवारी को रंगे हाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया। शिकायतकत्र्ता को कहा कि पटवारी को वह पैसे लेने के लिए बुलाए।
रविवार को जज पटवारी पैसे ले रहा था तो विजिलेंस ने उसे रिश्वत के पैसों के साथ पकड़ लिया।
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विदेशी से एयरफोर्स अफसर ने ली रिश्वत
07.03.11
नई दिल्ली। दुनिया के दिग्गज विमान जब भारत के एयर इंडिया शो में जमा हुए थे तो उन्हें मौके की जगह पर खड़ा करने के लिए वायु सेना का एक अधिकारी रिश्वत बटोर रहा था। वायु सेना के इस पायलट को एक विदेशी मेहमान से रंगे हाथों 20 हजार रूपए लेते हुए पकड़ लिया गया।
समझा जाता है कि रिश्वत तीन लाख यूरो तय हुई थी और उसमें से 20 हजार पेशगी दी जा रही थी। वायु सेना के प्रवक्ता ने यहां इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि इस मामले की अदालती जांच के आदेश दिए गए हैं। एयरो इंडिया में करीब 100 विमान येलहांका एयरबेस पर सजाए गए थे और वहां मौके की जगह पर अपना विमान खड़ा करने की होड़ थी।
वायु सेना में विंग कमांडर रैंक के एक पायलट ने फ्रांस की दासौल्ट कंपनी के विमान राफेल को बढिया जगह देने के बदले में रिश्वत मांगी थी। कंपनी इसकी सूचना रक्षा मंत्रालय को दी और रंगे हुए नोटों के साथ इस अधिकारी का पकड़वा दिया।
वायु सेना के सूत्रों के अनुसार इस अधिकारी ने अपनी गलती तुरंत मान ली और क्षमा प्रार्थना की। अब मामला अदालती जांच के दायरे में है और मामला साबित होने पर अधिकारी को नौकरी से हाथ भी धोना पड़ सकता है।
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From : http://www.patrika.com/news.aspx?id=548473
सरपंच पति व सचिव रिश्वत लेते गिरफ्तार
08.03.11
जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने भरतपुर जिले के कमालपुरा भुसावर ग्राम पंचायत के सचिव एवं सरपंच के पति को रिश्वत लेने के आरोप में मंगलवार को गिरफ्तार किया।
एसीबी के महानिरीक्षक उमेश मिश्र ने बताया कि गांव के साहब सिंह ने शिकायत की कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत किए गए काम के भुगतान की एवज में सरपंच पति भिखीराम एवं सचिव सुख सिंह 20 हजार रूपए की रिश्वत मांग रहे हैं। मिश्र ने बताया कि एसीबी ने दोनों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथो गिरफ्तार कर लिया।
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From : http://in.jagran.yahoo.com/news/local/madhyapradesh/4_7_7422039.html
वार्ड अधिकारी रिश्वत लेते काबू
Mar 08, 11:46 pm
बताएं
भोपाल, जागरण ब्यूरो। लोक ायुक्त की विशेष पुलिस स्थापना ने भोपाल नगर निगम के एक वार्ड अधिकारी को तीन हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कि या है।
लोक ायुक्त सूत्रों के मुताबिक इतवारा में रहने वाले अय्यूब खान ने शिक ायत क ी थी कि वार्ड 64 के वार्ड प्रभारी रामजानक पाल उनके भूखंड क ा नामातरण करने के लिए 15 हजार रुपये की माग की हैं। इसकी पहली किश्त के रूप में उन्होंने तीन हजार रुपये की मांग की थी। अशोक विहार क ालोनी में यह प्लाट उन्होंने वर्ष 1992 में खरीदा था। इस शिक ायत पर आरोपी क ो रंगे हाथों पकड़ने क ी योजना बनाई गई।
मंगलवार दोपहर वार्ड क ार्यालय में जैसे ही अय्यूब ने पाल क ो तीन हजार रुपये दिए, लोक ायुक्त पुलिस की टीम ने उसे पकड़ लिया। उसके पास से रंग लगे नोट जब्त कर उसके हाथ धुलवाए गए। लोक ायुक्त पुलिस ने उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 13 डी और 13 (2) डी के तहत
क ार्रवाई क ी है।
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From :
http://www.bhaskar.com/article/HAR-OTH-sdo-takes-a-bribe-of-five-1920426.html
एसडीओ पांच हजार रुपए की रिश्वत लेता गिरफ्तार
भास्कर न्यूज 10/03/11)
नूंह. बिजली निगम के एसडीओ जगदीश जैन को बुधवार को राज्य सर्तकता ब्यूरो की टीम ने आटा चक्की के लिए मीटर लगाने के नाम पर पांच हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार को आरोपी को अदालत में पेश किया जाएगा।
विजिलेंस टीम के इंस्पेक्टर मनोहर लाल ने बताया कि नूंह के गांव चंदेनी निवासी बिलाल अहमद ने मंगलवार को फोन पर गुड़गांव कार्यालय में बिजली विभाग के एसडीओ जगदीश जैन के खिलाफ आटा चक्की कनेक्शन देने के नाम पर साढ़े सात हजार रुपए बतौर रिश्वत मांगने की शिकायत दी। उसने बताया कि साढ़े सात हजार की बजाय गरीबी का वास्ता देकर उसने पांच हजार रुपए में बात तय कर ली है।
बुधवार को बिलाल ने गुड़गांव विजिलेंस कार्यालय में आरोपी के खिलाफ लिखित शिकायत दी। इसके बाद आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई। टीम ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार सुदर्शन कुमार के साथ आरोपी को उसके घर से पांच हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि फील्ड डिपार्टमेंट ने भी फाइल को क्लीन चीट दे दी थी लेकिन खुद रिश्वत लेने के लिए उसने फाइल को रोक रखा था। पुलिस ने आरोपी के घर से ही बिलाल अहमद की फाइल भी बरामद कर ली है। फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। गुरुवार को आरोपी को अदालत में पेश किया जाएगा।
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घूस लेते पकड़ाया हेड क्लर्क
10.03.11
महासमुंद। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने गुरूवार को पंचायत एवं समाज कल्याण विभाग के हेड क्लर्क ओमप्रकाश सिन्हा को चार हजार रूपए घूस लेते रंगे हाथों पकड़ा है। उसने सेवानिवृत्त कर्मचारी की ग्रेज्युटी और पेंशन फाइल के लिए रिश्वत की मांग की थी।
सराईपाली का सहायक आंतरिक लेखा परीक्षक श्यामलाल चौधरी 30 नवंबर को रिटायर हुआ। उसने पंचायत एवं समाज कल्याण विभाग के हेड क्लर्क सिन्हा से ग्रेज्युटी के तीन लाख रूपए और पेंशन स्वीकृत कराने के लिए कहा, तो सिन्हा ने चार हजार रूपए की मांग की। चौधरी कई चक्कर लगाता रहा, लेकिन सिन्हा ने बिना रूपए लिए काम नहीं किया।
परेशान होकर चौधरी ने 22 फरवरी को एंटी करप्शन ब्यूरो, रायपुर में शिकायत कर दी। तय योजना के अनुसार, एसीबी की टीम ने गुरूवार की दोपहर 12.30 बजे चौधरी को केमिकल लगे नोट देकर सिन्हा को देने के लिए समाज कल्याण विभाग का आफिस भेजा। जैसे ही सिन्हा ने रूपए हाथ में लिए, एसीबी के निरीक्षक बीएस राठौर और मीना चौधरी ने उसे पकड़ लिया।
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Tuesday, January 25, 2011

पर्दाफाश-10

मुख्य विधि सहायक केदारनाथ व कनिष्ठ लिपिक नानकराम को
पन्द्रह सौ रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा


जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने वन विभाग में कार्यरत मुख्य विधि सहायक व कनिष्ठ लिपिक को पन्द्रह सौ रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। दोनों विभाग से ही सेवानिवृत्त हुए कर्मचारी का पेंशन प्रकरण स्वीकृत करने की एवज में रुपये ले रहे थे। गिरफ्तार विधि सहायक केदारनाथ, अग्रवाल फॉर्म तथा लिपिक नानकराम हीरापुरा स्थित गणेश नगर निवासी है। ब्यूरो के महानिरीक्षक उमेश मिश्र ने बताया कि मामले की शिकायत नागौर के बरनेल गांव निवासी अब्दुल कलाम ने की थी। उसके पिता छोटू खां वन विभाग में केटल गार्ड के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनका पेंशन प्रकरण स्वीकृत करने के एवज में लिपिक नानकराम पांच हजार रुपये मांग रहा था। बातचीत के बाद मामला पैंतीस सौ रुपये में तय हुआ। उसने दो हजार रुपये तो पहले ही ले लिए। पन्द्रह सौ रुपये देने थे। इससे पहले ही ब्यूरो के उप अधीक्षक प्रदीप मोगा के नेतृत्व में टीम ने अपना जाल बिछाया। नानकराम ने वन विभाग के सचिवालय की ओर स्थित बंद गेट के पास अब्दुल कलाम से पन्द्रह सौ रुपये ले लिए। नानकराम ने उसी समय फोन कर केदारनाथ को बुला लिया और रुपये उसे थमा दिए। केदारनाथ ने रुपये ले लिए और एसीबी की टीम को देख रुपये फेंक दिए। वह भागने की फिराक में था कि टीम ने उसे दबोच लिया। केदारनाथ करीब दस वर्ष पहले भरतपुर में भी पकड़ा गया था। बाद में लम्बी कानूनी कार्रवाई के बाद वह मामले में रिहा हो गया था।

मजदूरों से अवैध रूप से वसूली करने वाले
दो टीसी राजेश कुमार व विजय कुमार सिंह बंदी

पटना। पटना जंक्शन पर यात्रियों से अवैध रूप से वसूली करने वाले दो टिकट संग्राहकों (टीसी) को जीआरपी ने रंगे हाथ दबोच लिया। गिरफ्तार किये गये टिकट संग्राहकों में राजेश कुमार व विजय कुमार सिंह हैं। दोनों को रेलवे मजिस्ट्रेट के न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे जमानत पर छोड़ दिया गया। हालांकि वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक अरविन्द रजक ने दोनों को निलंबित करते हुये स्थानांतरित करने का निर्देश दिया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक सुबह हर दिन की भांति राजेश कुमार व विजय सिंह अपने चार साथियों के साथ जंक्शन पर टिकट जांच को पहुंच गया। इसी बीच जनता एक्सप्रेस से उत्तर प्रदेश में तैनात दर्जनों मजदूर जंक्शन पर उतरे। चारो टिकट संग्राहकों ने मजदूरों से टिकट मांगा। टिकट देखते ही उनके द्वारा जाली करार दिया गया। इसके बाद मजदूरों से जुर्माना देने को कहा गया। मजदूर अड़ गये और अपने टिकट को सही बता जुर्माना देने से इनकार कर दिया। इसी बात को लेकर दोनों में तनातनी हो गई। टीसी द्वारा गाली दिये जाने पर मजदूर भड़क गये और मारपीट करने लगे। दो टीसी तो चुपके से खिसक गये परंतु राजेश व विजय को मजदूरों ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। टिकट संग्राहकों की पिटाई होते देख दूसरे रेलकर्मी भी जुटने लगे और प्लेटफार्म पर हंगामा मच गया। टिकट संग्राहकों की निर्मम पिटाई देख आरपीएफ के जवान भी दौड़े और किसी तरह उन्हें छुड़ा लिया। इस क्रम में एक जवान को भी काफी चोट लगी। बाद में पूर्वी चंपारण के पताही थाने के रंगपुर निवासी सुरेन्द्र मांझी, मजनू मांझी, विपुल मांझी, टोपी मांझी, बच्चू मांझी, कपिलदेव मांझी, विगून मांझी, मनोज मांझी, प्रेम मांझी, रंजीत मांझी समेत दो दर्जन मजदूरों ने दोनों टीसी पर मारपीट कर रुपये ठगी करने का आरोप लगाते हुये जीआरपी थाने में प्राथमिकी दर्ज करा दिया। दोनों टीसी को जीआरपी ने गिरफ्तार कर लिया। मजदूरों ने बताया कि वे लोग उत्तर प्रदेश के चोला में मजदूरी कर घर वापस लौट रहे थे। उन लोगों ने चोला से पटना जंक्शन तक का टिकट लिया था। इस घटना के बाद रेलवे यूनियन से जुड़े नेताओं ने जीआरपी पर दोनों टिकट संग्राहकों को छोड़ने का दबाव बनाया।

एक्साइज इंस्पेक्टर नायब सिंह दो हजार रिश्वत लेता गिरफ्तार

लुधियाना। विजिलेंस ब्यूरो ने एक्साइज इंस्पेक्टर को दो हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपी की पहचान मोहाली के बनूड़ निवासी पंजाब एक्साइज के इंस्पेक्टर नायब सिंह के रूप में हुई है। उसे पंजाब-हरियाणा बार्डर स्थित खनौरी सेल्स टैक्स बैरियर से गिरफ्तार किया गया। एसपी विजिलेंस अमनदीप कौर ने बताया कि आरोपी को अदालत में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया गया है। उसे शिमला पुरी निवासी ट्रांसपोर्टर राजिंदर सिंह गोपी की शिकायत पर आरोपी को ट्रैप लगा कर गिरफ्तार किया गया। अपनी शिकायत में राजिंदर सिंह ने बताया कि वह स्क्रैप के ट्रक लोड कर ले जाता है। पंजाब-हरियाणा के खनौरी सेल्स टैक्स बैरियर पर तैनात एक्साइज इंस्पेक्टर नायब सिंह ने उसके ट्रक पास कराने के एवज में दो हजार रुपये की मांग की। राजिंदर सिंह ने खुशामद कर एक हजार रुपये लेने को कहा, मगर वह नहीं माना। तथा 50 हजार रुपये जुर्माना लगाने की धमकी देने लगा। जिस पर राजिंदर सिंह ने विजिलेंस ब्यूरो पहुंच कर उसके खिलाफ शिकायत की। उसकी शिकायत पर ब्यूरो ने खनौरी में ट्रैप लगाया तथा सरकारी गवाहों की मौजूदगी में आरोपी को दो हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ की जा रही है।

मनरेगा लेखापाल विनोद कुमार को रंगेहाथ घूस लेते गिरफ्तार

मांडर। मांडर निगरानी की टीम ने मांडर अंचल कार्यालय के समीप एक हजार रुपये घूस लेते हुए मनरेगा के लेखापाल विनोद कुमार को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। विनोद कुमार ने एक रोजगार सेवक नरेश कुमार पाठक से बकाया मानदेय के भुगतान के लिए एक हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक मांडर के ही सोसई निवासी नरेश कुमार पाठक 2007 में मांडर प्रखंड में रोजगार सेवक थे। इसके बाद उन्होंने छह अगस्त 2008 को इस पद से इस्तीफा दे दिया था। उसे मात्र दो माह का मानदेय मिला था और प्रखंड के पास उनका लगभग छह हजार रुपये बकाये थे। इसे लेकर उसने दो बार आवेदन दिया था। भुगतान के लिए उससे विनोद कुमार ने एक हजार रुपये की मांग की थी। परेशान होकर उसने 15 दिन पूर्व इसकी सूचना निगरानी विभाग को दी थी। सत्यापन के बाद दिन के 12 बजे जैसे ही नरेश कुमार पाठक से विनोद कुमार ने पैसे लिये, वहां मौजूद निगरानी की टीम ने विनोद कुमार को दबोच लिया।

प्रबंधक सहित 3 घूस लेते पकड़े

बीकानेर। स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर (एसबीबीजे) की हनुमानगढ़ टाउन में कृषि विस्तार शाखा (एडीबी) के उप प्रबंधक एक कर्मचारी तथा बैंक भवन के बाहर गोल गप्पे की रेहड़ी लगाने वाले एक युवक को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने एक किसान से छह हजार रुपये की रिश्वत लेने के जुर्म में गिरफ्तार कर लिया। कृषि ) ॠण मंजूर करने की एवज में उप प्रबंधक ने 10 हजार की रिश्वत मांगी थी। इसमें से दो हजार रुपये वह पहले ले चुका था। हनुमानगढ़ में एसीबी की चौकी के प्रभारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दलीप जाखड़ ने को बताया कि गिरफ्तार किये गये उप प्रबंधक राकेश कुमार जांजू (50) बैंक कर्मी सुरेन्द्र तथा गोल गप्पे वाले युवक कुलदीप को पूर्व सूचना पर पकड़ा गया।

लेखा अफसर घूस लेते पकड़ाया

बिलासपुर। इंडियन आयल कंपनी के एकाउंट अफसर राजेश उरमलिया को सीबीआई ने 25 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथों पकड़ा। इसके बाद उसके आफिस और घर पर छापा मारकर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं। ट्रांसपोर्टर आलोक उर्फ विनोद भागड़ा ने उरमलिया के खिलाफ सीबीआई मुख्यालय भिलाई में शिकायत की थी। उनका आरोप था कि इंडियन आयल कंपनी में टैंकर चलाने के लिए एकाउंट अफसर उरमलिया ने 25 हजार रुपये मांगे थे। इस शिकायत पर डीएसपी संजय निमजे ने रंगे हाथों पकड़ने की योजना बनाई।

योजना के मुताबिक छह सदस्यीय टीम ने भागड़ा से 25 हजार रुपये रिश्वत लेते उरमलिया को पकड़ लिया। टीम ने उसके आफिस और भारतीय नगर शीला टावर स्थित निवास पर छापा मारा। इस दौरान 12 लाख रुपये का डिमेट एकाउंट, 3 लाख रुपये की बीमा पालिसियां और जमीन जायजाद से संबंधित अन्य दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

एएसआई रिश्वत लेते गिरफ्तार

हनुमानगढ। टाउन पुलिस थाने के सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) रमेशदान को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने तीन हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दलीप जाखड़ ने एएसआई को उसके घर से गिरफ्तार किया। टाउन गुडमंडी निवासी जाकिर हुसैन ने एसीबी में शिकायत दर्ज करवाई थी कि टाउन थाने का सहायक उप निरीक्षक रमेश दान भूखंड विवाद के एक मुकदमे से उसे बाहर निकालने की एवज में दस हजार रुपये मांग रहा है।
इस मामले में वह पन्द्रह सौ रुपये पहले ही ले चुका है और शेष राशि मांग रहा है। इस पर एसीबी ने शिकायत का सत्यापन करवाया। मामला सही पाए जाने पर रिश्वत के रूप में तीन हजार रुपये देना तय हुआ जाकिर हुसैन दोपहर टाउन में वाल्मीकि चौक के पास स्थित एएसआई के किराए के मकान में राशि देने गया। वहां राशि लेते ही एएसआई को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के दल ने गिरफ्तार कर लिया।

जाकिर हुसैन ने कोहला निवासी कन्हैया लाल गंगवाल की पत्नी परमेश्वरी देवी को थाना सिंह से भूखण्ड दिलवाया था। इसमें जाकिर हुसैन गवाह था। इस मामले में दोनों में विवाद हो गया और थाना सिंह ने मामला दर्ज करवाते हुए जाकिर हुसैन को भी आरोपी बना दिया। जांच अघिकारी ने जाकिर हुसैन को मामले से बाहर निकालने की एवज में दस हजार रुपये की मांग की थी।

Friday, December 3, 2010

पर्दाफाश-9 : इंदिरा आवास योजना के अन्तर्गत 25 हजार रुपये की दूसरी किस्त देने की एवज में ग्राम पंचायत सचिव महेश चन्द शर्मा पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया!

जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने भरतपुर जिले में नगर पंचायत समिति की खखावली ग्राम पंचायत के सचिव महेश चन्द्र शर्मा को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।

एसीबी महानिरीक्ष उमेश मिश्र ने प्रेस को बताया कि तहसील नगर के गांव बरखेडा फौजदार निवासी गुमान सिंह ने ब्यूरो में शिकायत की थी कि इंदिरा आवास योजना के अन्तर्गत 25 हजार रुपये की दूसरी किस्त देने की एवज में ग्राम सचिव महेश चन्द शर्मा पांच हजार रुपये रिश्वत मांग रहा है। शिकायत पर एएसपी राजेन्द्र वर्मा के नेतृत्व में ट्रेप आयोजित कर पंचायत समिति नगर में परिवादी से पांच हजार रुपये रिश्वत लेते ग्राम सचिव महेश चन्द को गिरफ्तार कर लिया।

पर्दाफाश-8 : भ्रष्ट मैनेजिंग डायरेक्टर एम. वी. राव गिरफ्तार, दो करोड नकद व 20 लाख के जेवरात बरामद!

देहरादून। लेह-लद्दाख में करीब 200 करोड की सडक प्रोजेक्ट घोटाले में सीबीआई ने कैटेबल इंजीनियरिंग कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड (सीईसी), हैदराबाद के मैनेजिंग डायरेक्टर एम. वी. राव को देहरादून में गिरफ्तार किया है। हालांकि सडक निर्माण का कांट्रेक्ट मुंबई की एक कंपनी को मिला था, लेकिन बाद में कंपनी ने यह कार्य सीईसी कंपनी को सौंप दिया था। 13 अक्टूबर को सीबीआई टीम ने देहरादून स्थित नेशनल प्रोजेक्ट ऑफ कंस्ट्रक्शन कार्पोरेशन एनपीसीसी, के सब-ऑफिस में तैनात ज्वाइंट जोनल मैनेजर एस के शर्मा को 15 लाख की रिश्वत लेते दबोचा था। यह रिश्वत लेह-लद्दाख में करीब दो सौ करोड लागत से बन रही सडक की रक्षा मंत्रालय की जाँच के एवज में मांगी गई थी।

प्राथमिक जाँच के बाद सीबीआई ने एनपीसीसी के हेडक्वार्टर फरीदाबाद के जनरल मैनेजर जे. के. सिन्हा, उसके गाजियाबाद निवासी भाई एस. के. सिन्हा व हैदराबाद की कैटेबल इंजीनियरिंग कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के मैनेqजग डायरेक्टर एम. वी. राव के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया। इस मामले में 15 अक्टूबर को एस के सिन्हा व 18 अक्टूबर को केंद्रीय लोक निर्माण विभाग दिल्ली के अधिशासी अभियंता राकेश बाबू गर्ग को गिरफ्तार किया गया है। दोनों के कब्जे से एक करोड तीस लाख रुपये बरामद किए गए थे। अब तक करीब दो करोड नकद व 20 लाख के जेवरात बरामद किए जा चुके हैं। मामले में पूछताछ के लिए सीबीआई ने एम. वी. राव को देहरादून ऑफिस बुलाया था, जहाँ उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। सीबीआई के मुताबिक राव की कंपनी सडक निर्माण करा रही है। उसी ने एस. के. सिन्हा को एनपीसीसी व सीपीडब्लूडी के अफसरों को रिश्वत देने का जिम्मा सौंपा था।

सीबीआई सूत्रों के मुताबिक सडक निर्माण का ठेका मिलने के बाद एम. वी. राव ने डेढ करोड रुपये एचडीएफसी बैंक के गाजियाबाद अकाउंट में ट्रांसफर किए थे। इसी रकम से अफसरों को रिश्वत पहुंचाई गई। सीबीआई ने 13 अक्टूबर को ही राव के हैदराबाद स्थित फ्लैट और ऑफिस को सील कर दिया था।

पर्दाफाश-7 : इलाज के लिए रिश्वत मांगी अस्थि रोग विशेषज्ञ एस.के. भटनागर एवं मध्यस्थ नलीन शुक्ला को गिरफ्तार!

बांसवाडा। उपचार की आड में बीपीएल परिवार के सदस्य से रिश्वत लेने के आरोप में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने महात्मा गांधी चिकित्सालय के चिकित्सक (मेडिकल ज्यूरिष्ठ) अस्थि रोग विशेषज्ञ एस.के.भटनागर एवं मध्यस्थ नलीन शुक्ला को गिरफ्तार किया है। शुक्ला पेशे से मेडिकल व्यवसायी हैं। ब्यूरो के अनुसार बीपीएल कार्डधारक आमली निवासी रंगजी पुत्र कालिया के तेरह वर्षीय पुत्र बापूलाल को जांघ में फ्रेक्चर के कारण गत 11 अक्टूबर को चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। ऑपरेशन के लिए चिकित्सक ने रंगजी से 3600 रुपये की मांग की थी। इसकी शिकायत पर सत्यापन के बाद एसीबी ने रंगजी को चिकित्सक के सरकारी आवास पर राशि देकर भेजा। यहां चिकित्सक के साथ बैठे मेडिकल व्यवसायी शुक्ला ने रंगजी को संबंधित राशि घर के पिछवाडे स्थित मेडिकल स्टोर में जमा कराने को कहा। रंगजी बताई गई दुकान पर शुक्ला को राशि देने लगा तो उसने पांच हजार आठ सौ रुपये की मांग कर डाली। लाचार रंगजी फिर बढी राशि लेकर मेडिकल स्टोर पहुंचा। यहां पहले से मौजूद ब्यूरो दल के सदस्यों ने शुक्ला को रिश्वत राशि के साथ दबोच लिया।

पर्दाफाश-6 : रिश्वत लेते इंस्पेक्टर गुलाम हसन कमल पकडा गया!

जम्मू। राज्य सतर्कता संगठन ने क्राइम ब्रांच में तैनात एक इंस्पेक्टर को सीएपीडी के डिप्टी डायरेक्टर से पचास हजार रुपये रिश्वत लेते हुए दबोच लिया। आरोपी इंस्पेक्टर राशन घोटाले के मामले में जांच अधिकारी है। वहीं, डिप्टी डायरेक्टर इस मामले का आरोपी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, हाल ही में क्राइम ब्रांच में दर्ज राशन घोटाले की जांच का जिम्मा इंस्पेक्टर गुलाम हसन कमल को सौंपा गया था। वह सीएपीडी के डिप्टी डायरेक्टर साउथ कश्मीर खुर्शीद अहमद सैनी से पूछताछ करने के लिए श्रीनगर गया था। खुर्शीद ने विजीलेंस में शिकायत दर्ज करवाई की जम्मू क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर नंबर 19/2009 का जांच अधिकारी उसे इस मामले में आरोप मुक्त करने के लिए पचास हजार रुपये रिश्वत मांग रहा है। इस पर कार्रवाई करते हुए विजीलेंस अधिकारियों ने गुलाम हसन को पैसे लेने के बहाने खुर्शीद के घर बुलाया। जैसे ही आरोपी इंस्पेक्टर ने पैसे लिए, विजीलेंस अधिकारियों ने एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट व आजाद गवाहों की मौजूदगी में गुलाम हसन को दबोच लिया।

पर्दाफाश-5 : जमीन की फर्द देने की एवज में पटवारी भोला सिंह दस हजार की रिश्वत लेता गिरफ्तार!

लुधियाना। गांव खैहरा के पटवारी भोला सिंह को दस हजार रुपये की घूस लेने के आरोप में रंगे हाथ पकडा गया। यह राशि जमीन की फर्द देने के एवज में वसूली गई थी। विजिलेंस ने आरोपी के खिलाफ के भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। भोला सिंह को आयली स्थित उसके दफ्तर से पकडा गया, जब वह शिकायतकर्ता शिगारा सिंह से रिश्वत के दस हजार रुपये वसूल रहा था। जैसे ही उसने नकदी पकडी तभी डीएसपी संतोख सिंह की पुलिस पार्टी ने उसे धर दबोचा। सिंह ने बताया कि शिगारा सिंह की गांव खैहरा में जमीन है। उन्होंने मोटर के कनेक्शन के लिए पॉवरकाम विभाग में आवेदन दे रखा था। विभाग की शर्तो को पूरा करने के लिए उन्हे जमीन की फर्द चाहिए थी। इसके लिए उन्होंने पटवारी भोला सिंह से सम्पर्क किया। फर्द देने की एवज में पंद्रह हजार रुपये की मांग की गई। सौदा दस हजार में तय हो गया। शिगारा सिंह ने इसकी शिकायत विजिलेंस से कर दी थी।

पर्दाफाश-4 : महिला पटवारी प्रीति शर्मा 4500 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार!

दुर्ग। एंटी करप्शन ब्यूरो ने ब्लॉक पाटन के ग्राम औरी में पदस्थ पटवारी प्रीति शर्मा को 4500 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकडा। ग्राम भाठागांव के कृषक जगधार निषाद ने दो महीने पहले बिना अनुमति अपने खेतों के पेडों को काट दिया था। इसकी जानकारी मिलने पर प्रीति ने स्थल निरीक्षण कर प्रकरण तैयार किया। उसने इस मामले को कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत नहीं करने के लिए जगधार से दस हजार रुपये की मांग की। जगधार ने रुपये देने के बजाय एंटी करप्शन ब्यूरो से पटवारी की शिकायत कर दी।

ब्यूरो के अधिकारियों ने जगधार को केमिकल लगे पांच-पांच सौ रुपये के नौ नोट देकर पटवारी को देने के लिए उसके कार्यालय भेजा। प्रीति ने रिश्वत लेकर रुपये टेबल की दराज में डाल दिए। थोडी देर बाद ब्यूरो की टीम ने महिला सिपाही के साथ दबिश दी और रुपये जब्त कर प्रीति के हाथ धुलवाए। इससे उसके हाथों पर लगा रंग उतर आया।

पर्दाफाश-3 : परियोजना निदेशक टी एस प्रसन्ना कुमार एक लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार

चेन्नई। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के एक अधिकारी को चुंगी पर काम करने वाले ठेकेदार से एक लाख रुपये रिश्वत लेते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो ने गिरफ्तार किया है। सीबीआई की यहां जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग वेल्लूर में टी एस प्रसन्ना कुमार परियोजना निदेशक के रूप में काम कर रहा था और वह चुंगी ठेकेदार आर वेंकटेश्वरी के छह लाख के बिल को पास करने के लिए एक लाख रुपये रिश्वत मांग रहा था। प्राधिकरण के अधिकारी ने रिश्वत देने के लिए यहां एक होटल के कमरे में बुलाया जहां सीबीआई ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। जांच से पता चला है कि इस अधिकारी ने बेंगलूरू में परिवार के सदस्यों के नाम से ब‹डी संपत्ति अर्जित की है।

पर्दाफाश-2 : दस हजार की रिश्वत लेते बिजली अधिकारी बालासाहेब नदाफ रंगे हाथ गिरफ्तार

ठाणे। बंगले में इलेक्ट्रिक मीटर लगाने के लिए दस हजार की रिश्वत लेने वाले राज्य विद्युत मंडल के डहाणु कार्यालय के अधिकारी बालासाहेब नदाफ को ठाणे एंटी करप्सन के अधिकारियो ने रंगे हाथो गिरफ्तार किया है।

ठाणे एंटी करप्सन ब्यूरो के मुताबिक मुंबई के जोगेश्वरी निवासी शमसुद्दीन खान ने डहाणु के आसवे गाँव स्थित अपने फार्म हॉउस में बने बंगले में इलेक्ट्रिक मीटर लगाने के लिए राज्य विद्युत मंडल के डहाणु कार्यालय में आवेदन दिया था। कार्यालय में सम्पर्क करने पर वह कार्यरत अधिकारी बालासाहेब नदाफ ने शमसुद्दीन खान से दस हजार की रिश्वत मांगी, रिश्वत मांगे जाने की शिकायत शमसुद्दीन खान ने ठाणे एंटी करप्सन ब्यूरो से की, जिसके बाद ब्यूरो के पुलिस निरीक्षक वाय. वी. चौगुले के मार्गदर्शन में जाल बिछाकर बाला साहेब नदाफ को दस हजार लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।

Monday, November 8, 2010

पर्दाफाश-1

कोयला अधिकारी अरविन्द तिवारी घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

लोयाबाद-धनबाद। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड के एरिया चार के परियोजना पदाधिकारी अरविन्द तिवारी को सीबीआई ने चार हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। तिवारी ठेकेदार मनोज सिंह से एक बिल पास करने के एवज में रिश्वत की मांग कर रहे थे, जिस कारण से उनकी शिकायत सीबीआई से की गई थी। सीबीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार मनोज सिंह को लोयाबाद कोलियरी के 7/8 नंबर इंक्लाइन में पंखा घर लगाने का ठेका मिला था। 88 हजार रुपये के ठेके के एवज में परियोजना पदाधिकारी मनोज से पांच प्रतिशत रिश्वत की मांग कर रहे थे। राशि नहीं देने पर बिल देने से परियोजना पदाधिकारी अरविन्द तिवारी ने इनकार कर दिया था। तिवारी कनकनी और मोदीडीह कालियरी के परियोजना पदाधिकारी हैं।

ठेकदार मनोज सिंह चार हजार रुपये लेकर पहुंचे और परियोजना पदाधिकारी को बिल पास करने का आग्रह करते हुए राशि सौंप दी। जैसे ही परियोजना पदाधिकारी ने राशि ली सीबीआई ने दबिश डाली और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार उनके घर से 65 हजार रुपये नकद, बैंकों में लाखों के निवेश और आसनसोल में फ्लैट समेत कई भू-सम्पत्तियों का पता सीबीआई को चला है।

संयुक्त सचिव टी. के. गोयल गोयल रंगे हाथ गिरफ्तार

चण्डीगढ। सतर्कता ब्यूरो के अधिकारियों के अनुसार वर्ष 1995 बैच के पीसीएस अधिकारी और समाज कल्याण विभाग (अनुसूचित जाति एवं पिछडा वर्ग) के संयुक्त सचिव टी. के. गोयल को घूस लेते हुए गिरफ्तार किया गया। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधी कानून  की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। राज्य सतर्कता ब्यूरो के निदेशक बी. के. बावा ने बताया, हमारे दस्ते ने चण्डीगढ स्थित कार्यालय में छापा मारकर गोयल को 50000 रुपये घूस लेते हुए पकडा। राज्य में कपूरथला जिले के बेगवाल गांव का रहने वाला जार्ज शुभ रिश्वत दे रहा था। उन्होंने बताया, शुभ बाल्मिकी जाति से है। उसने अपनी जाति के आधार पर बेगवाल गांव में राजस्व अधिकारी (नंबरदार) पद के लिए कपूरथला जिले के उपायुक्त के पास आवेदन किया था। लेकिन ईसाई धर्म कबूल करने के बाद उसके बाल्मिकी जाति के दावे को खारिज कर दिया गया। बावा ने कहा कि शुभ ने उपायुक्त के फैसले के खिलाफ अनुसूचित जाति आयोग, पंजाब  के पास अपील दर्ज कराई थी। आयोग ने इस शिकायत के सत्यापन के लिए राज्य कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष के पास भेज दिया था।

इस मामले में जांच समिति के प्रभारी गोयल के पास अंतिम रिपोर्ट भेज दी गई। शुभ ने बताया, पिछले महीने गोयल ने मुझे दो बार अपने दफ्तर बुलाया और आयोग के पास मेरे पक्ष में रिपोर्ट भेजने के लिए 50000 रुपये की मांग की। मैंने उनसे कहा कि मैं बेहद गरीब परिवार से हूँ, लेकिन वह अपनी मांग पर डटे रहे। बाद में मैंने सतर्कता ब्यूरो से संपर्क किया।

ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रणसिंह घूस लेते गिरफ्तार

जोधपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बीकानेर जिले के तहत कोलायत ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को एक धर्मशाला में एक अध्यापिका के पति से दस हजार रुपये की घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी बीईओ ने शिक्षिका का तबादला उसकी मनचाही जगह पर करने की एवज में पचास हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।

ब्यूरो के डीआईजी गोqवद गुप्ता ने प्रेस को बताया कि बीकानेर निवासी देवेन्द्र कुमार मल्होत्रा की पत्नी शिक्षिका है। उसका तबादला कोलायत के आस-पास कराने के लिए उसने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रणसिंह से संपर्क किया। इस पर रणसिंह ने उससे 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। एसीबी के गोपनीय सत्यापन में इस बात की पुष्टि भी हो गई। इस पर एसीबी की बीकानेर चौकी ने जाल बिछाया। परिवादी को दस हजार रुपये लेकर कोलायत स्थित धर्मशाला में भेजा गया, जहां रणसिंह किराए का कमरा लेकर रह रहा था। आरोपी ने परिवादी से दस हजार रुपये लिए और चारपाई पर रखी थैली में रख दिए। इसी दरम्यान एसीबी की टोली वहां पहुंच गई और रिश्वत की राशि बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। श्रीकोलायत के ब्लॉक प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी रणसिंह को प्रारम्भिक शिक्षा निदेशक ने निलम्बित कर दिया।

रिश्वत लेते बाबू जयराम कश्यप रंगे हाथ गिरफ्तार

दंतेवाडा-छत्तीसगढ। एंटी करप्सन ब्यूरो की टीम ने दंतेवाडा रोजगार कार्यालय के बाबू को 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हांथो गिरफ्तार कर लिया। आरोपी बाबू ने भोपालपटनम के एक युवक से सीधी भर्ती के दौरान नौकरी लगाने ढाई लाख की मांग की थी। परेशान युवक ने इसकी शिकायत जगदलपुर स्थित एंटी करप्शन ब्यूरो को कर दी। ब्यूरो की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से बाबू को गिरफ्तार कर लिया। रोजगार दफ्तर के सहायक ग्रेड-३ जयराम कश्यप ने भोपालपटनम के युवा विनोद गोटे का काल लेटर सीधी भर्ती के दौरान वाहन चालक के लिए भेजने के एवज में ढाई लाख की मांग की थी। विनोद ने इसकी जानकारी एंटी करप्सन ब्यूरो में डीएसपी मदनलाल नेगी को दी। आरोपी बाबू को विनोद ने पहली किश्त के रूप में पचास हजार देने की बात कही। यह योजना एंटी करप्शन ब्यूरो के द्वारा बनाई गई थी। ब्यूरो ने विनोद को एक-एक हजार के पचास नोट केमिकल लगाकर दे दिए। आज शाम योजना के मुताबिक करीब चार बजे विनोद रोजगार दफ्तर पहुंचा, वहां बाबू जयराम कश्यप पहले से ही मौजूद था। एंटी करप्सन ब्यूरो की टीम दफ्तर से कुछ दूर खडे होकर स्थिति का जायजा ले रही थी, इधर जैसे ही टीम ने इशारा किया, विनोद ने केमिकल लगे नोट बाबू जयराम के हाथों में थमा दिए। इसके तुरंत बाद डीएसपी नेगी के नेतृत्व में एंटी करप्शन टीम भी दफ्तर में आ धमकी। रंग लगे नोटो को जब्त किया और आरोपी बाबू के हाथ धुलाए गए। इस बाबू के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें मिली थी। क्षेत्र के आदिवासी युवाओं से नौकरी लगाने के नाम पर वह लाखों वसूल चुका था। चपरासी से बाबू बना जयराम ब‹डे दावे के साथ उच्च अधिकारियों से संबंध होने और नौकरी लगाने की बात कहता था। वह दावा करता था कि चयन समिति के कई अधिकारी उनकी बात मानते हैं। युवाओं से वसूली गयी रकम में से एक ब‹डा हिस्सा वह अधिकारियों तक भी पहुंचता था।

पंचायत सचिव बलराम सिंह रिश्वत लेते रंगे हाथ धरा गया

ऊना-शिमला। स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो उत्तरी क्षेत्र धर्मशाला की टीम ने ऊना की हरोली तहसील की बीटन पंचायत के सचिव को दो हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। बीटन पंचायत सचिव बलराम सिंह ने इसी पंचायत के जगदीश चंद से आयु प्रमाण पत्र देने की एवज में दो हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी।

इसकी शिकायत जगदीश चंद ने स्टेट विजिलेंस विभाग से की थी। विजिलेंस विभाग के डीएसपी विजय कुमार के नेतृत्व में जाल बिछाकर पंचायत सचिव बलराम सिंह को  जगदीश चंद से रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। 
विजिलेंस विभाग ने आरोपी से राशि बरामद कर मामला दर्ज कर लिया है। ऊना के डीएसपी विजय कुमार ने प्रेस को बतलाया कि बलराम ने उक्त व्यक्ति को बीटन बुलाया था। 

17 रुपया घूस के मामले का निर्णय 23 साल में

पटना/नवादा। 17 रुपये 85 पैसे घूस के फैसले के लिए 23 साल लगे। सुनने में यह अजीब लग सकता है, लेकिन यह सच है। मामला नवादा डिपो के उमाकांत पांडे का है।
  
निगरानी एक के विशेष जज अजीत कुमार सिन्हा ने 17 रुपये 85 पैसे गबन के मामले में बिहार राज्य पथ परिवहन के पूर्व कंडक्टर उमाकांत को पीसी एक्ट में दोषी पाते हुए एक साल का जेल व पांच सौ रुपये जुर्माने की सजा सुनायी। 31 जुलाई, 1985 को उमाकांत नवादा डिपो की बस नंबर बीआरबी 5951 को हिसुआ से राजगीर ले जा रहा था। तभी उडनदस्ते ने बस को रोक कर निरीक्षण किया। इसमें सात यात्रियों को बेटिकट पक‹डा गया। वे अभियुक्त के सहयोग से यात्रा कर रहे थे। उस समय हिसुआ से राजगीर का किराया दो रुपये 55 पैसे था। इस कारण तत्कालीन एटीएम किशोरी रमन प्रसाद ने अभियुक्त पर 17 रुपये 85 पैसे की गबन का मामला नवादा थाना में 1986 में दर्ज कराया। 17 मई, 1994 को आरोप का गठन हुआ था।

कृषि उप निदेशक राजेश घूस को गिनते पकडे गये 

चिडावा/झुंझुनूं। एसीबी ने झुंझुनूं के कृषि उपनिदेशक को रिश्वत लेते रंगे हाथ धर दबोचा है। एसीबी के एडिशनल एसपी राजेश कुमार चौधरी ने बताया कि झुंझुनूं में कार्यरत कृषि उप निदेशक राजेश ने बालाजी बीज भंडार से पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। बीज भंडार के मालिक किशन सिंह ने इसकी शिकायत एसीबी में की। तय कार्यक्रम के तहत सुबह करीब ११ बजे एसीबी ने उप निदेशक कार्यालय में छापा मारा और उप निदेशक को रिश्वत लेते रंगे हाथ धर दबोचा।

विभाग के लिपिक भागेन्द्र सिंह रंगे हाथ गिरफ्तार

चूरू। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शिक्षा विभाग के एक कनिष्ठ लिपिक को चार हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। ब्यूरो के अनुसार जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) कार्यालय में कार्यरत कनिष्ठ लिपिक भागेन्द्र सिंह ने प्रीतम पब्लिक सैकण्डरी स्कूल के सुरेन्द्र सिंह ढाका से अध्यापन अनुभव प्रमाण-पत्र के सत्यापन की एवज में रिश्वत मांगी थी।

मोबाइल चुराते पकडा 

आबूरोड। राजकीय रेलवे पुलिस थाना अधिकारी शम्भूसिंह के अनुसार वाराणसी (उत्तरप्रदेश) निवासी चन्द्रभान दिल्ली-अहमदाबाद आश्रम एक्सप्रेस के सामान्य कोच से अहमदाबाद जा रहा था। ट्रेन तडके साढे तीन बजे आबूरोड पहुंचने पर मुम्बई निवासी शाबिर उसका नोकिया मोबाइल फोन चुराने लगा। चन्द्रभान के साथ बैठे यात्रियों ने उसे पकडकर पुलिस को सौंप दिया।

सहायक पुलिस निरीक्षक घूस लेते गिरफ्तार

जमशेदपुर। निगरानी की टीम ने घूसखोर सहायक पुलिस निरीक्षक को घूस लेते रंगेहाथों गिरफ्तार किया है। मिली जानकारी के अनुसार, मो. एम. एस. खान नामक यह निरीक्षक जमशेदपुर की मानगो थाना में पदस्थापित था। निगरानी को इसकी शिकायत मिली थी कि मो. खान घूस की मांग करते रहते हैं। इसी के बाद निगरानी की टीम ने छापा मारते हुए उसे घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।